अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह कदम एहतियातन और अस्थायी है। लेबनान स्थित अमेरिकी दूतावास फिलहाल खुला है और सामान्य कार्य जारी है। हालांकि, क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की इस सप्ताहांत प्रस्तावित इजराइल यात्रा भी स्थगित की जा सकती है।
इसी बीच, भारत ने भी अपने नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण परामर्श जारी किया है। सोमवार को तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने ईरान में रह रहे सभी भारतीयों—छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों—से अपील की कि वे सुरक्षा स्थिति को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द देश छोड़ने की योजना बनाएं। दूतावास ने सलाह दी कि वाणिज्यिक उड़ानों सहित उपलब्ध सभी परिवहन साधनों का उपयोग कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा जाए।
ईरान में हाल के दिनों में सरकार विरोधी प्रदर्शन तेज हुए हैं। कई विश्वविद्यालयों में छात्रों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए गए हैं। साथ ही, खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की आशंकाओं ने स्थिति को और अधिक जटिल बना दिया है। ऐसे माहौल में विदेशी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।
जनवरी के आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, ईरान में 10,000 से अधिक भारतीय रह रहे थे, जिनमें बड़ी संख्या में छात्र शामिल हैं। भारतीय दूतावास ने अपने परामर्श में दोहराया है कि नागरिक विरोध प्रदर्शनों या रैलियों वाले इलाकों से दूर रहें और स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। साथ ही, सभी भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के व्यक्तियों (PIO) से कहा गया है कि वे अपने पासपोर्ट, पहचान पत्र और अन्य यात्रा दस्तावेज हमेशा अपने पास रखें।
दूतावास ने यह भी कहा है कि किसी भी आपात स्थिति या सहायता की आवश्यकता होने पर तुरंत भारतीय दूतावास से संपर्क किया जाए। सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और आवश्यक कदम उठाने के लिए तैयार है।
पश्चिम एशिया में बढ़ती अनिश्चितता ने एक बार फिर क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, देशों द्वारा अपने नागरिकों और राजनयिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, यह क्षेत्रीय घटनाक्रम पर निर्भर करेगा, लेकिन एहतियाती कदमों से यह साफ है कि सभी पक्ष संभावित जोखिमों को गंभीरता से ले रहे हैं।